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Saturday, December 25, 2010

होरी, तुम शाश्वत सत्‍य हो!

Photos from Peepli Live_1293189630557‘‘पीपली लाइव‘‘ फिल्‍म देखी । फिल्‍म की विशेषता भारतीय गांव का सजीव व यथार्थ चित्रण है ,जिसमे किसानों की कर्ज में डूबने के बाद आत्‍महत्‍या की बढ़ती प्रवृत्‍ति की पृष्ठ भूमि में कूकरमुत्‍तों की तरह फैले खबरी न्‍यूज चैनलों तथा देश की राजनीति पर करारे व्‍यंग किये गये हैं।

Saturday, November 20, 2010

हुबली का सौन्दर्य

मैने कहा कि मैं बिना किसी ध्येय के घूमना चाहता हूं। गंगा के कछार में। यह एक ओपन स्टेटमेण्ट था – पांच-छ रेल अधिकारियों के बीच। लोगों ने अपनी प्रवृति अनुसार कहा, पर बाद में इस अफसर ने मुझे अपना अभिमत बताया - "जब आपको दौड़ लगा कर जगहें छू कर और पैसे फैंक सूटकेस भर कर वापस नहीं आना है, तो हुबली से बेहतर क्या जगह हो सकती है"। बदामी-पट्टळखळ-अइहोळे की चालुक्य/विजयनगर जमाने की विरासत वहां पत्थर पत्थर में बिखरी हुई है।

वह अधिकारी – रश्मि बघेल, नये जमाने की लड़की (मेरे सामने तो लड़की ही है!) ऐसा कह सकती है, थोड़ा अजीब लगा और अच्छा भी।